उत्तराखंड

हेमकुंट साहिब के कपाट खुले, पांच हजार ने मत्था टेका

जो बोले सो निहाल….

इन्ही जयकारों के साथ श्री हेमकुंट साहिब के कपाट रविवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस दौरान हजारों लोगों ने गुरु दरबार में अपनी हाजिरी लगाई।

श्री हेमकुंट साहिब के कपाट रविवार की सुबह दस बजे विधि विधान के साथ ग्रीष्म काल के लिए खोल दिए गए हैं। पंच प्यारों की अगुवाई में ये कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इससे पहले पंच प्यारों की ही अगुवाई में गुरग्रंथ साहब को दरबार साहब में लाया गया। इस मौके पर तकरीबन पांच हजार लोगों ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका है। अभी भी वहां अच्छी खासी बर्फ जमी हुई है।

पांच हजार श्रद्धालुओं के साथ शनिवार को पहला जत्था घांघरिया पहुंच चुका था। हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट और प्रशासन की मदद से श्रद्धालुओं के रहने व खाने की व्यवस्था की गई है। हेमकुंट साहिब ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने यहां गुरुद्वारे में पंज प्यारों और तीर्थयात्रियों को दुपट्टा भेंट कर घांघरिया के लिए रवाना किया गया।

रविवार सुबह ये जत्था हेमकुंट साहिब पहुंचा। यहां पवित्र कुंड में स्नान किया। हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू हुई। गुरुग्रंथ साहिब को सचखंड से लाकर दरबार साहिब में रखा गया। इसके बाद सुबह 10 बजे सुखमणि का पाठ हुआ। इसके बाद हेमकुंट साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। शबद कीर्तन के बाद दोपहर में 12:30 बजे हेमकुंट साहिब में इस साल की पहली अरदास हुई।

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