किसानों की सारी मांगों पर मानी केंद्र सरकार, 11 दिसंबर को घर वापसी करेंगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आज किसान आंदोलन ख़त्म करने का फ़ैसला किया गया
11 दिसंबर को सभी मोर्चे ख़ाली होने की खबर है
SKM ने सरकार को आज दोपहर का दिया था अल्टीमेटम और कहा था अगर केंद्र सरकार की तरफ़ से आधिकारिक चिट्ठी नहीं मिली तो आंदोलन ख़त्म नहीं होगा ।
केंद्र सरकार ने सही समय पर चिट्ठी भेजी और उसके बाद SKM ने मीटिंग में आंदोलन ख़त्म करने का फ़ैसला किया।
मुख्य मांग थी सभी किसानों के ख़िलाफ़ लगाए आरोप और मुक़द्दमे वापस लिए जाएँ
आज दोपहर सिंघु बॉर्डर पर SKM ने मिलकर इसपर फ़ैसला किया। इससे पहले SKM के अधीन 32 यूनियनों ने सरकार की तरफ़ से दिया गया ड्राफ़्ट मंज़ूर कर लिया था जिसमें माँग थी सभी मामले वापस लिए जाएँ
इस ड्राफ़्ट के बाद केंद्र सरकार का कहना था कि अब जबकि किसानों की माँगें मान ली गई हैं तो किसानों का आंदोलन पर बैठे रहने का कोई औचित्य ही नहीं बचता। इस ड्राफ़्ट के मुताबिक़ केंद्र सरकार ने ये भी वादा किया है कि वो बाक़ी सभी राज्यों को भी मामले वापस लेने के लिए कहेंगे।
यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश , हरियाणा – सभी बीजेपी शासित राज्यों में- मामले दर्ज थे। इसके अलावा दिल्ली में और NIA या ED के तहत लगाए गए सभी मुक़द्दमें भी वापस होंगे
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने सभी माँगें मान ली हैं इसलिए ये आंदोलन अब अपने सफल मुक़ाम पर पहुँच गया है।
जहां तक बात न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कमेटी बनाई जा रही है तो किसान नेताओं का कहना है कि उसमें SKM के प्रतिनिधि शामिल करने के लिए भी केंद्र सरकार मान गई है ।