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उत्तराखंड

सीएम ने प्रदेश में जारी ढांचागत निर्माण से जुड़े कार्यों को गिनाया

एचएमटी की 45 एकड़ भूमि पर मिनी सिडकुल बनाया जाएगा -सीएम

जमरानी बांध परियोजना से पेयजल व बिजली की दिक्कत दूर होगी

देहरादून। सीएम धामी ने जमरानी बांध परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक आभार जताते हुए जारी विकास कार्यों का उल्लेख किया। यहां जारी बयान में कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल सिंचाई एवं पेयजल की हल्द्वानी व आसपास के क्षेत्रों में दिक्कत दूर होगी। बल्कि इस परियोजना से विद्युत उत्पादन भी होगा।

हाल ही में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने नैनीताल के हल्द्वानी में स्थित एचएमटी की बहुप्रतिक्षित 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी है। मंत्रालय ने भूमि हस्तांतरण के आदेश भी जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार कई वर्षों से भूमि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर रही थी। इस भूमि पर मिनी सिडकुल का निर्माण करने की योजना है।

इसी तरह, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ पुनर्विकास, मानसखंड मन्दिर माला मिशन, किच्छा में एम्स का सेटेलाइट सेंटर, वंदेभारत एक्सप्रेस, केदारनाथ व हेमकुंड रोप वे जैसी अहम योजनाएं उत्तराखंड के विकास में मील के नए पत्थर स्थापित कर रहे हैं। अब श्रद्धालु उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर के दर्शन कर सकेंगे। हाल ही में प्रधानमंत्री के आदि कैलाश और जागेश्वर की यात्रा से मानासखंड में भी चार धाम की भांति श्रद्धालु आने के लिए प्रेरित होंगे।

केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद लखवाड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो गया है। ब्यासी प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया गया। किसाऊ जल विद्युत परियोजना से जुड़ी शेष औपचारिकताओं को भी जल्द पूरा कर काम शुरू किया जाएगा। इन परियोजनाओं से न सिर्फ उत्तराखंड की बिजली जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि राष्ट्र की बिजली जरूरतों को पूरा करने में उत्तराखंड अहम भूमिका निभाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व काम हुआ है। गदरपुर बाईपास एवं खटीमा बाईपास का लोकार्पण किया जा चुका है। मुरादाबाद से काशीपुर तक लगभग 61 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाइवे के बनते ही मुरादाबाद से लेकर काशीपुर तक आने वाले सैकड़ों गांव और कस्बों के लोगों को सफर आसान होगा।

नजीबाबाद-अफजलगढ़ फोरलेन बाईपास को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के रूप में विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे बन जाने से गढ़वाल-कुमाऊं की दूरी एक घंटा कम हो जाएगी। दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड से केवल ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून आ सकेंगे।

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