Friday, July 24, 2026
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मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।